Paath: Durga saptashati-Argala stotram
Paath: Durga saptashati-Argala stotram
श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतये सप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः॥
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥१॥
जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥२॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥३॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥४॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥५॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥६॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥७॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥८॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥९॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१०॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥११॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१२॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१३॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१४॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१५॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१६॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१७॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१८॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥१९॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥२०॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥२१॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥२२॥
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥२३॥
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥२४॥
स तु सप्तशतीसंख्यावरमाप्नोति सम्पदाम्॥२५॥
Related Videos
-
Bhagwat at Metro Apartments Delhi
9444 Views
-
Paath: Pandit Jasraj - Shivashatakam
7992 Views
-
Paath - Shiva Rudrastakam
8617 Views
-
Path: Durga Kavach - with Sanskrit lyrics
10682 Views
-
Paath: linga bhairavi stuthi by sadhguru
9505 Views
-
Shakti Stuti: Sidh Kunjika Strot
8748 Views